Diary की बातें

तीन कर्म… प्रेम के

प्रेम क्या है ये कौन जानता है। किसी के लिये ये ज़िंदगी का एक पड़ाव है, किसी के लिये एक बेकार-सी चीज, किसी के लिये ज़ुर्म तो किसी के लिये धर्म। पर बन्नों की डायरी प्रेम के बारे में कुछ और ही बताती है। प्रेम का नया मकसद और प्रेम के तीन कर्म।

प्रेम के तीन कर्म